मैं 1 सामान्य परिवार सें हूँ.मेरा पैतृक गांव काटर. तहसील घाटमपुर जिला कानपुर नगर है. मेरा वर्तमान निवास गौस गंज मूसा नगर कानपुर देहात मे है. बचपन मे मेरी शिक्षा दीक्षा गौस गंज मूसा नगर कस्बे मे हुई, वही से मैंने 9 वीं तक़ पढ़ाई क़ी इसके पश्चात मैंने 10 वीं सें 12 वीं तक़ पास के गांव मे पढ़ा उसके बाद वहीं के महाविद्यालय सें स्नातक किआ उसके बाद मैनें एमएससी क़ी पढ़ाई के लिए दीन दयाल एग्लो मे अप्लाई किया जो 1 सरकारी महाविद्यालय है. वहाँ मैं 1 वर्ष ही पढ़ पाया और घर क़ी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मुझे प्राइवेट जॉब करनी पड़ी 1 वर्ष मे कई जॉब बदली कई कम्पनी पर कही रुका नहीं क्योंकि ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था..मेरा झुकाव आध्यात्म क़ी तरफ ज्यादा था क्योकि मेरे पिता श्री 1 कर्म कांडी ब्राह्मण हैं और ज्योतिष भास्कर भी … तो मेरे मन मे विचार आया क़ी मैं दर दर का ठोकर खाने से अच्छा अपना पैतृक काम करू और इसे बहुत आगे तक़ लें जाऊ.मेरा सपना शुरू से नाम, यश वाला बनने का था कभी पैसे वाला बनने का नहीं… क्योंकि पैसे वाले भी नाम वाले के पास आके सर टेकते है.. बस दौड़ पड़ा उसी राह मे और फिर मैंने कठिन साधना क़ी माँ भगवती क़ी और उन्ही क़ी कृपा से और माँ पिता के पुण्य प्रताप से मैंने ज्योतिष मे अध्ययन किया मनन किया.. बहुत कुंडली देख कर खुद अनुभव लिया फिर वही अनुभव अन्य कुंडली के माध्यम से समाज मे दिए हो लगभग 100% सत्य निकले. कुंडली के अंतर्गत गुण ,स्वभाव प्रकृति, आचार् ,विचार ,व्यवहार, मित्र, शत्रु , वाणी मुख्, नेत्र, हाथ पैर और अंगों का व्याख्यान रंग रूप, शिक्षा ,योग्यता. कर्म, आदि का वर्णन इसके द्वारा करने लगा. जो सटीक हुए.. इसके साथ साथ मैंने अपने आध्यात्मिक जीवन क़ी शुरुआत कर्म काण्ड से क़ी.. और फिर ज्योतिष विद्या मे गहन अध्ययन लोगो न कहा मेरा गला बड़ा सुन्दर है आप कथा करो मेने उसपर अध्ययन कियाऔर सफल हूआ सबके प्रेम स्नेह से मैं कथावाचक भी बना श्री मद भागवत पुराण ,देवी पुराण, शिव पुराण आदि क़ी कथाएं मंचो के माध्यम सें कहने लगा… राम कथा, मानस कथा का भी ज्ञान मुझे देवी कृपा सें मिला और मैं रामचरितमानस ,राम कथा का व्याख्यान भी करता हूँ… और बचे हुए समय मे ज्योतिष कुंडली दर्शन, हस्त रेखा ,फेस रीडिंग आदि करता हूँ…. उदारता, पशु पक्षी, गौ सेवा,निर्धन जन सेवा मुझे अत्यंत प्रिय है…